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VOL. 11, ISSUE 3 (2026)
पंडित मदन मोहन मालवीय जी के शिक्षण विधियों तथा स्त्री शिक्षा के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता
Authors
दीपक कुमार सिंह, डॉ. रूपाली
Abstract
महामना जी प्राचीन भारत में प्रचलित शिक्षा प्रणाली के आदर्शों को श्रेष्ठ मानते थे। आज विश्व दिन पर दिन नवीन खोज कर रहा है। नयी-नयी शिक्षण विधियों का प्रचलन बढ़ रहा है। प्राचीन समय में गुरूओं द्वारा व्याख्यान, प्रवचन, भाषण, शब्दार्थ, व्युत्पत्ति, व्याकरण अनुवाद आदि प्राविधियों द्वारा छात्रों को उपदेश देते थे। पहले छात्रों को वेद मंत्र, प्रार्थना सम्बन्धी श्लोक कंठस्थ करा दिये जाते थे। जिससे विद्यार्थियों का आध्यात्मिक तथा बौद्धिक विकास होता था।
महामना जी ने प्राचीन संस्कृति से प्रभावित होकर स्त्री-शिक्षा पर बल दिया, क्योंकि प्राचीन काल में स्त्रियों को भी शिक्षा का अधिकार प्राप्त था। वे स्त्रियों को इस प्रकार की शिक्षा देने के पक्ष में थे। जो धार्मिक होने के साथ-साथ भावात्मक हो तथा जिससे उनमें स्वाभिमान और श्रद्धा का भाव जागे।
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Pages:40-42
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दीपक कुमार सिंह, डॉ. रूपाली "पंडित मदन मोहन मालवीय जी के शिक्षण विधियों तथा स्त्री शिक्षा के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 3, 2026, Pages 40-42
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