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VOL. 11, ISSUE 3 (2026)
गिजू भाई बधेका जी के शिक्षक तथा विद्यालय वातावरण सम्बन्धी विचारों का अध्ययन तथा उसकी उपयोगिता
Authors
एकता सक्सेना, डॉ. रूपाली
Abstract
प्रस्तुत शोध में गिजू भाई बधेका जी के शिक्षक तथा विद्यालय वातावरण सम्बन्धी विचारों का अध्ययन तथा उसकी उपयोगिता को प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य गिजू भाई के अनुसार शिक्षक के संबंध में विचारों का अध्ययन करना तथा गिजू भाई के अनुसार विद्यालय वातावरण का अध्ययन करना। 
वर्तमान अध्ययन गिजू भाई बधेका जी के ग्रन्थों, लेखों तथा अन्य स्रोतों के आधार पर उनके शिक्षक तथा विद्यालय वातावरण से सम्बन्धित विचारों को सुव्यवस्थित किया गया। प्रस्तुत अध्ययन में ऐतिहासिक अनुसंधान विधि को चुना गया। प्रस्तुत अध्ययन में गिजू भाई बधेका जी द्वारा रचित विभिन्न पुस्तकांे, लेखों, पत्रों तथा गिजू भाई बधेका जी के बारे में विभिन्न विद्वानों एवं लेखकों द्वारा रचित पुस्तकांे, लेखों तथा अन्य अध्ययन सामग्री का प्रयोग किया गया।
गिजु भाई की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इन्होंने शिक्षक को एक मित्र और पथ-प्रदर्शक के रूप में देखा है। इनके अनुसार शिक्षक के ऊपर बालक के विकास का बहुत भारी उत्तरदायित्व है।
बातावरण बालक की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के अनुरूप हो। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए खुली हवा, स्वच्छता, अनुकूल समशीतोष्ण तापमान, स्वच्छ शौचालय, स्नानागार, धोने लायक शाला का फर्श, चौड़ी खिड़कियां, पौष्टिक भोजन, बागीचा, ऊॅची छतें, लम्बे-चौड़े हाल तथा उससे सम्बद्ध छोटे-छोटे कमरे आदि शाला के लिए आवश्यक हैं।
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Pages:36-39
How to cite this article:
एकता सक्सेना, डॉ. रूपाली "गिजू भाई बधेका जी के शिक्षक तथा विद्यालय वातावरण सम्बन्धी विचारों का अध्ययन तथा उसकी उपयोगिता". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 3, 2026, Pages 36-39

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