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VOL. 11, ISSUE 3 (2026)
हिंद-प्रशांत में चीन की आक्रामकता और भारत की प्रतिक्रिया: एक समसामयिक विश्लेषण
Authors
अंशुमान सिंह, डॉ. नीरज कुमार
Abstract
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता, दक्षिण चीन सागर में अवैध दावे, 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ ने क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर रूप से चुनौती दी है। इस पृष्ठभूमि में, भारत की प्रतिक्रिया केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने कूटनीतिक, आर्थिक और बहुपक्षीय मोर्चों पर एक समग्र रणनीति अपनाई है। प्रस्तुत समीक्षा लेख रक्षात्मक यथार्थवाद के सैद्धांतिक ढाँचे पर आधारित है और 2020 के गलवान संकट से लेकर वर्तमान तक भारत-चीन संबंधों का समसामयिक विश्लेषण करता है। शोध यह स्थापित करता है कि भारत ने QUAD, 'एक्ट ईस्ट' नीति, 'नेकलेस ऑफ डायमंड्स' रणनीति और SAGAR जैसे बहुआयामी उपकरणों के माध्यम से चीन की आक्रामकता का प्रभावी ढंग से सामना किया है, साथ ही रणनीतिक स्वायत्तता को भी सुरक्षित रखा है।
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Pages:28-32
How to cite this article:
अंशुमान सिंह, डॉ. नीरज कुमार "हिंद-प्रशांत में चीन की आक्रामकता और भारत की प्रतिक्रिया: एक समसामयिक विश्लेषण". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 3, 2026, Pages 28-32
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