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VOL. 10, ISSUE 4 (2025)
विज्ञापन में तकनीकी बदलाव: अतीत से वर्तमान तक
Authors
Anjali Shankarrao Choukhande, Dr. Ananta Shandilya
Abstract
विज्ञापन मानव सभ्यता की एक प्राचीन संप्रेषण प्रणाली रही है, जो समय के साथ बदलती तकनीकों के अनुसार रूपांतरणशील रही है। इस शोध में विज्ञापन की यात्रा को तकनीकी दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया गया है — प्रारंभिक मुद्रण तकनीकों, रेडियो-टीवी के आगमन से लेकर आज के डिजिटल युग तक। शोध में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार 19वीं शताब्दी में प्रिंट मीडिया के जरिए विज्ञापन सीमित दायरे में प्रभावी था, जबकि 20वीं शताब्दी में रेडियो और टेलीविजन ने दृश्य-श्रव्य माध्यमों द्वारा व्यापक जनसमूह को आकर्षित किया। 21वीं शताब्दी में इंटरनेट, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा, और उपभोक्ता-विश्लेषण आधारित लक्ष्यीकरण जैसे तकनीकी नवाचारों ने विज्ञापन के स्वरूप, रणनीति और प्रभावशीलता को पूरी तरह से परिवर्तित कर दिया है। यह अध्ययन विज्ञापन क्षेत्र में तकनीक की भूमिका, इसके सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों तथा उपभोक्ताओं के व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षात्मक व्याख्या करता है। अंततः शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि तकनीकी विकास न केवल विज्ञापन की पहुँच और प्रभाव को बढ़ाता है, बल्कि इसके नैतिक और सामाजिक दायित्वों को भी पुनर्परिभाषित करता है।
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Pages:77-79
How to cite this article:
Anjali Shankarrao Choukhande, Dr. Ananta Shandilya "विज्ञापन में तकनीकी बदलाव: अतीत से वर्तमान तक". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 4, 2025, Pages 77-79
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