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VOL. 10, ISSUE 4 (2025)
यूनानी दवाओं की आयु और शेल्फ-लाइफ की अवधारणा
Authors
Reesha Ahmed, Sayyad Abbas Haider Zaidi, Mohammed Wasim Ahmed, Rashidul Islam Ansari
Abstract
इस चिकित्सा पद्धति का प्रयोग कई अलग-अलग सभ्यताओं में किया जाता रहा है, इसलिए इसे पारंपरिक चिकित्सा कहा जाता है। यूनानी चिकित्सा का एक प्रमुख विषय इल-उल-अद्विया रहा है। यह औषधि की प्रभावकारिता के अध्ययन पर केंद्रित है।नियमों के अनुसार, अम्र-ए  अदविया एक अवधारणा है जो इल-उल-अदविया के अंतर्गत आती है। पारंपरिक चिकित्सा में "शेल्फ लाइफ" शब्द का प्रयोग दवाओं की उम्र के बारे में बात करती है ।  इनका एकमात्र स्रोत दवा की स्थापित आकृति विज्ञान और अंग-संवहनी गुण (ऑर्गेनोलेप्टिक वर्ण) हैं। यदि दवा का रंग, गंध या बनावट बदल गई है, तो वह उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं रह जाती। दवाओं को सीधी धूप में सुखाया जा सकता है, और उनके कुछ अवयव तापमान और धूप दोनों में स्थिर रहते हैं। यूनानी और पारंपरिक चिकित्सा में आयु का विचार इस निबंध का मुख्य विषय है।
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Pages:10-12
How to cite this article:
Reesha Ahmed, Sayyad Abbas Haider Zaidi, Mohammed Wasim Ahmed, Rashidul Islam Ansari "यूनानी दवाओं की आयु और शेल्फ-लाइफ की अवधारणा ". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 4, 2025, Pages 10-12
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