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VOL. 10, ISSUE 3 (2025)
नयी शिक्षा नीति और विधिक शिक्षा के विस्तार में संभावनाएं: एक अवलोकन
Authors
डॉ. दीपमाला श्रीवास्तव
Abstract

शिक्षा के स्तर को बनाये रखने और सही ढंग से लागू करने के लिए सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सही नीति निर्धारण अति आवश्यक है। इसी क्रम में के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनी नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव किए गये हैं। न्यू एजुकेशन पॉलिसी, 2020 के अंतर्गत, ग्रेजुएशन की अवधि को 3-4 साल तक बढ़ाने व एमफिल की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव है।

अब नई शिक्षा नीति के अनुसार छठी कक्षा से ही छात्रों को विशेष रूप से चयनित व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यावसायिक और स्किल की शिक्षा प्रदान कर उनके कौशल का विकास किया जाएगा। ये छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। भारत में विधि के क्षेत्र में शिक्षा में अधिकता तो हैं पर गुणवत्ता का काफी हद तक अभाव है। यहाँ नेशनल विधि विश्वविद्यालयों के वित्त के लिए राज्य पर निर्भर और स्ववित्तपोषित शिक्षा होने के कारण शिक्षण बहुत ही महंगा होता है। ये नीति शिक्षा को सीमाओं से कई मायने में आजाद कर रही है।
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Pages:38-40
How to cite this article:
डॉ. दीपमाला श्रीवास्तव "नयी शिक्षा नीति और विधिक शिक्षा के विस्तार में संभावनाएं: एक अवलोकन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 3, 2025, Pages 38-40
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