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VOL. 10, ISSUE 2 (2025)
योग निद्रा का अवसाद, चिंता व अनिद्रा पर प्रभाव- एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
प्रतिमा आमेरिया
Abstract

वर्तमान युग में तेज होती जीवन की गतिअत्यधिक प्रतिस्पर्धा,सामाजिक अपेक्षाएं तथा तकनीकी निर्भरता के कारण मानव जीवन में मानसिक तनाव प्राचीनता एक सामान्य स्थितिबन चुकी है । चिंता एक ऐसी मानसिक अवस्था है , जिसमें व्यक्तिअत्यधिक भय , घबराहट , बेचैनी तथा अनिश्चित का अनुभव करता है। यदियह स्थितिलंबे समय तक बनी रहे तो यह व्यक्तिके शारीरिक ,मानसिक व सामाजिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

योग जो भारत की प्राचीनतम विद्या है आज विश्व भर में मानसिक शांतिऔर संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी साधन बन चुका है योग की एक विशेष तकनीक है योग निद्रा जिसे स्वामी सत्यानंद सरस्वती द्वारा सुव्यवस्थित किया गया है योग निद्रा एक गहन विश्रांतिकी अवस्था है जिसमें शरीर नींद की स्थितिमें होता है लेकिन मन सजग सचेत बना रहता है । यह अभ्यास तनाव थकान और चिंता को कम करने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है ।

अनेक वैज्ञानिक शोधों से यह प्रमाणित हुआ है किनियमित रूप से योग निद्रा का अभ्यास करने से व्यक्तिकी चिंता का स्तर घटता है नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है । इस शोध पत्र में यह विश्लेषण किया गया है किकिस प्रकार योग निद्रा द्वारा चिंता को कम में सहायक सिद्ध होती है । 
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Pages:70-71
How to cite this article:
प्रतिमा आमेरिया "योग निद्रा का अवसाद, चिंता व अनिद्रा पर प्रभाव- एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 2, 2025, Pages 70-71
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