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VOL. 9, ISSUE 4 (2024)
योग का आधार
Authors
डॉ. राजेश त्रिपाटी
Abstract
जीवन का मूल उद्देश्य मोक्ष प्राप्ति है। मोक्ष की चाह आधुनिक परिप्रेेक्ष्य में गोण रह गयी तथासुख की चाह मुख्य हो गयी है। सुख कैसे भी प्राप्त हो यही मूल उद्देश्य है। मानव का वास्तविक स्वरूप हैप्रसन्न रहना प्रसन्नता पाने के लिए वह किसी भी मूल्य को चुकाने के लिए तैयार है लेकिन प्रसन्नता और सुख एक समय तक ही अच्छे लगते है एक समय पश्चात नीरसता का भाव आता है लेकिन ईश्वर प्रेम या भक्ति सतत बनी रहती है तथा दिन रात बढ़ती है। यही कल्याण का मार्ग भी है।
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Pages:28-30
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डॉ. राजेश त्रिपाटी "योग का आधार". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 4, 2024, Pages 28-30
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