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VOL. 9, ISSUE 1 (2024)
सुरहेड़ाः स्वतंत्रता सेनानियों का गाँव और 18 गाँवों की प्रधानी का जिम्मा
Authors
डॉ. एसके पांडेय
Abstract
अपने देश में शहरीकरण की प्रक्रिया बहुत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में गाँव शहर बनते जा रहे हैं। बात जब दिल्ली की आती है तो दिल्ली के बहुत सारे गाँव शहर में तब्दील हो रहे हैं या दिल्ली के तमाम गाँवों में शहर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जब कोई गाँव शहरीकरण की तरफ बढ़ता है, तो वहाँ शहर जैसी भागमभाग और व्यस्तताएँ भी बढ़ती है। ऐसे में एक जरूरी सवाल होता है कि क्या गाँव अपने मूल से कट जाएंगे। शहरीकरण के कुछ वर्षों बाद क्या गाँव अपनी परंपरा, विरासत, इतिहास और ग्रामीण धरोहर को संजो पाएंगे। इस शोध पत्र के जरिए दिल्ली के एक गाँव सुरहेड़ा के इतिहास, परंपरा और विरासत को जानने की कोशिश की गई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए गुणात्मक शोध पद्धति के अंतर्गत साक्षात्कार टूल का सहारा लिया गया है। भविष्य में इस शोध पत्र की प्रासंगिकता बनी रहेगी, क्योंकि जब कभी सुरहेड़ा गाँव के इतिहास की बात आएगी, तो यह शोध पत्र संदर्भ पत्र के रूप में माना जा सकता है।
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Pages:56-57
How to cite this article:
डॉ. एसके पांडेय "सुरहेड़ाः स्वतंत्रता सेनानियों का गाँव और 18 गाँवों की प्रधानी का जिम्मा". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 1, 2024, Pages 56-57
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