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VOL. 8, ISSUE 2 (2023)
सीधी एवं सिंगरौली जिले में भारतीय जीवन बीमा निगम के व्यवसाय का स्तर एवं भारतीय जीवन बीमा निगम में व्यवसाय का मूल्यांकन व विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
उमेश प्रजापति, पुरूषोत्तम गौतम
Abstract
आधारभूत संरचना के विकास के लिए बैंक, बीमा कम्पनियों व वित्तीय सस्थाओं के विकास की आवश्यकता होती है। बैंक व वित्तीय संस्थाएं आर्थिक एवं औद्योगिक क्रियाओं के विकास हेतु ऋण प्रदान करते हैं एवं अपने ग्राहकों द्वारा जमा किए गए धन को विनियोजित करने का भी कार्य करते हैं। इस प्रकार बैंकिंग एवं बीमा व्यवसाय से सम्बन्धित संस्थाएं देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हैं। विश्वव्यापीकरण, उदारीकरण तथा भूमण्डलीयकरण के इस आधुनिक वर्तमान युग में किसी भी देश का आर्थिक विकास निवेश पर निर्भर करता है। यह निवेश मुख्यतः मध्यम एवं न्यून आय समूहों के लोगों द्वारा जमा संग्रहण पर निर्भर करता है। मध्यम एवं न्यून आय समूहों के लोगों की बचत या जमा संग्रहण को देश के आर्थिक विकास हेतु विनियोजित करने की प्रक्रिया में बीमा कम्पनियों की अहम् भूमिका है। बीमा कम्पनियों द्वारा, एकल व्यक्तियों या उपभोक्ताओं द्वारा भरी गयी छोटी-छोटी प्रीमियम राशियों के संग्रहण से विशालकाय निधियाँ एकत्रित की जाती हैं तथा इन निधियों का निवेश उन क्षेत्रों में किया जाता है जो अपना व्यवसाय करते हुए राष्ट्र के आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। ग्राहकों द्वारा जमा प्रीमियम एक जोखिम का द्योतक है, जो उस प्रीमियम की राशि से उपभोक्ता को जोखिमों के विरुद्ध सहायता प्रदान करता है। वस्तुतः ये विशाल प्रीमियम राशियाँ जोखिमों को एक साथ लाती हैं तथा पालिसीधारकों के हितार्थ को सुरक्षित करती हैं।
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Pages:194-197
How to cite this article:
उमेश प्रजापति, पुरूषोत्तम गौतम "सीधी एवं सिंगरौली जिले में भारतीय जीवन बीमा निगम के व्यवसाय का स्तर एवं भारतीय जीवन बीमा निगम में व्यवसाय का मूल्यांकन व विश्लेषणात्मक अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 8, Issue 2, 2023, Pages 194-197
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