Logo
National Journal of
Multidisciplinary
Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 5, ISSUE 4 (2020)
पंत के काव्य पर प्रगतिवाद का प्रभाव
Authors
प्रिंस कुमार
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र में प्रकृति के सुकुमार कवि’ एवं छायावाद के चार स्तंभों में से एक प्रमुख स्तंभ सुमित्रानंदन पंत के काव्य पर प्रगतिवाद के प्रभाव का अध्ययन किया गया है । इस शोध के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया गया है कि पंत के काव्य पर प्रगतिवाद का कैसे, कितना और क्या प्रभाव पड़ा है । इसके साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया है कि प्रगतिवाद से पंत का मोहभंग कब, कैसे और क्यों हुआ । अंततः पंत हिंदी साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर है अतः उनकी रचनाओं एवं विचारधाराओं की जानकारी अपेक्षित है ।
Download
Pages:06-07
How to cite this article:
प्रिंस कुमार "पंत के काव्य पर प्रगतिवाद का प्रभाव". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 5, Issue 4, 2020, Pages 06-07
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.