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VOL. 5, ISSUE 3 (2020)
वृद्ध महिलाओं की सामाजिक एवं पारिवारिक स्थितिः एक अध्ययन
Authors
कुमारी ललिता
Abstract
वृद्धावस्था न केवल स्वयं वृद्धाओं के लिए बल्कि उनके परिवारों, मालिकों और संपूर्ण समाज के लिए अनेक सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न कर देती है, इसलिए पिछले कुछ वर्षों से आबादी के समूह की ओर जनता का ध्यान आकृष्ट हुआ है और इस पर गंभीर विचार शुरू हुआ है। साथ ही वैज्ञानिकों का ध्यान भी वृद्धों के ऊपर केन्द्रित हुआ है। वृद्धों के अध्ययन के लिए हाल में वैज्ञानिक अनुसंधान के जो दो नए क्षेत्र विकसित किए गए है वे जरण विज्ञान और जरारोग-विज्ञान है। जरण-विज्ञान जरण-प्रक्रिया का अध्ययन करता है। एक विज्ञान के रूप में जरण-विज्ञान जरण के सभी पक्षों से मनुष्य ही नहीं बलिक सारे जीवों से, यहां तक कि निर्जीव पदार्थों से भी संबंध रखता है। इस समस्या को सुलझाने में उन्होंने ध्यान मुख्यतः ऐसे आंकड़े इकट्ठे करने में लगाया है जो वृद्धों के बारे में प्रचलित उन परंपरागत विश्वासों का खंडन कर सकें जिसके कारण वृद्धावस्था के बारे में प्रतिकूल रूढ़ धारणाएँ बन गई है, जो व्यापार, उद्योग और सामाजिक और पारिवारिक जीवन में वृद्धों के प्रति बनी हुई प्रतिकूल अभिवृत्तियों के और उनके साथ किए जाने वाले अनुचित वर्ताव के लिए अधिकांशतः जिम्मेदार हैं।
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Pages:13-18
How to cite this article:
कुमारी ललिता "वृद्ध महिलाओं की सामाजिक एवं पारिवारिक स्थितिः एक अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 5, Issue 3, 2020, Pages 13-18
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